Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त को लेकर प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के बीच एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। आज 5 मार्च है और अब कभी भी उनके खातों में योजना की राशि के 1500 रुपए आने वाले हैं, वहीं कई महिलाओं का कहना है कि सीएम इस बार राशि बढ़ाकर 3000 रुपए भी दे सकते हैं। यहां जानिए कब आएगी लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त, 1.28 करोड़ महिलाओं के खातों में कितनी आएगी राशि?

इस बार आनी है 34वीं किस्त(Ladli Behna Yojana)

बता दें कि लाडली बहना योजना की मार्च के इस महीने में 34वीं किस्त आनी है। 34वीं किस्त की राशि हर बार की तरह महीने के दूसरे सप्ताह में आने की उम्मीद है। आमतौर पर मोहन सरकार हर महीने 10 तारीख के आसपास यह राशि ट्रांसफर करती है। इसलिए इस बार भी पात्र महिलाओं के खातों में पैसा आने की उम्मीद है। हालांकि अंतिम तारीख का ऐलान फिलहाल नहीं किया गया है।

1.28 करोड़ महिलाओं के खातों में कितनी आएगी राशि 1500 या 3000

लाडली बहना योजना की पात्र (Ladli Behna Yojana) महिलाओं के खातों में हर महीने 1500 रुपए दे रही राज्य सरकार इस बार भी 1500 रुपए ही जारी करेगी। लेकिन कई पात्र महिलाओं का कहना है कि इस बार 3000 रुपए आने हैं। बता दें कि सीएम मोहन यादव ने कई कार्यक्रमों में सार्वजनिक मंच से घोषणा की है कि लाडली बहनों को मिलने वाली किस्त की राशि 3000 रुपए की जाएगी। लेकिन उन्होंने इस राशि को धीरे-धीरे बढ़ाने की बात कही है। वहीं सीएम ने जहां पहले 3000 रुपए की राशि 2028 तक बढ़ाने का ऐलान किया था, वहीं पिछले कुछ महीनों में उन्होंने इस राशि को 2026 के अंत और कभी 2027 तक बढ़ाने का वादा भी किया है। लेकिन इस महीने ये राशि 1500 रुपए ही आएगी।

सीएम मोहन यादव सिंगल क्लिक में ट्रांसफर करेंगे राशि

बता दें हर माह की तरह इस माह में भी सीएम मोहन यादव एक राज्यस्तरीय लाडली बहना योजना कार्यक्रम के माध्यम से लाडली बहनों के खातों में मार्च महीने की किस्त भेजेंगे। सिंगल क्लिक पर वे ये राशि 1.28 करोड़ लाडली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम कहां होगा फिलहाल इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 34वीं किस्त की राशि भेजने के बाद सीएम उपस्थित लाडली बहनों के साथ संवाद बी करेंगे।

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अब तक दो बार बढ़ी है लाडली बहना योजना की राशि

बता दें कि लाडली बहना योजना के तहत हर महीने मिलने वाली राशि की शुरुआत 1000 रुपए प्रतिमाह से की गई थी। इसके बाद इसे 1250 किया गया और वर्तमान में यह राशि 1500 रुपए की गई है।

आपके खाते में पैसा आया या नहीं, ऐसे करें चैक (Ladli Behna Yojana)

-बैंक मैसेज- पात्र महिलाओं के खातों में पैसा ट्रांसफर होते ही आपके खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर बैंक से मैसेज आ जाता है।

-बैंक पासबुक- नजदीकी बैंक या ग्राहक सेवा केंद्र जाकर पासबुक अपडेट करा सकते हैं। पासबुक अपडेट करते ही आपको पता चल जाएगा कि आपके खाते में कितनी राशि आई है।

-ATM या मिनी स्टेटमेंट- ATM से मिनी स्टेटमेंट निकालकर भी खाते में आने वाली राशि के बारे में पता लगाया जा सकता है।

-आधिकारिक वेबसाइट- योजना की वेबसाइट पर जाकर आवेदन नंबर या समग्र आईडी से भी 1500 रुपए की राशि के खाते में आने या न आने की जानकारी आसानी से मिल जाएगी।

लाडली बहना योजना से प्रदेश की कितनी महिलाओं को मिल रहा लाभ

बता दें कि लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) आज ही के दिन 5 मार्च 2023 को शुरू की गई थी। यह इस योजना का पहला चरण था। इसी दिन योजना से जुड़ने के लिए प्रदेश की बहनों ने पहली बार आवेदन भरना शुरू किए गए थे। इस योजना को शुरू करने का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को जाता है। उन्होंने 28 जनवरी 2023 को नर्मदा जयंती के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी। शिवराज सिंह ने तब पात्र लाडली बहनों को 1000 रुपए प्रतिमाह उनके खातों में ट्रांसफर करना शुरू किए थे। जिसे धीरे-धीरे बढ़ाते हुए वर्तमान सीएम मोहन यादव ने 1500 कर दिया है। वहीं प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, समाज में सम्मान और परिवार में निर्णायक भूमिका में लाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत भविष्य में भी प्रतिमाह मिलने वाली राशि में इजाफा करने की घोषणाएं लगातार की जा रही हैं।

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पहली बार जून- 2023 में मिले थे 1000 रुपए

लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana)की शुरुआत में 1.25 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों को इस योजना का लाभ मिला। मार्च से आवेदन शुरू करने के बाद पहली बार 5 जून को लाड़ली बहनों के खातों में 1000 रुपए की पहली किस्त भेजी गई। वहीं धीरे-धीरे लाड़ली बहनों की संख्या बढ़कर 1.29 करोड़ हुई और अब घटकर 1.28 करोड़ रह गई है। पात्रता आयु 60 वर्ष पार करने और अन्य नियमों के कारणों के साथ ही केवायसी आदि न हो पाने के कारण कई महिलाओं के नाम योजना की लिस्ट से कट गए। वर्तमान में 1.28 करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है।