नरवाई जलाने वाले कृषकों पर होगी सख्त कार्रवाई

नरवाई जलाने वाले कृषकों पर होगी सख्त कार्रवाई

शिवपुरी, 10 मार्च 2026/ जिले में गेहूँ सहित अन्य रबी फसलों की कटाई का कार्य प्रगति पर है। कुछ कृषकों द्वारा गेहूँ फसल की कटाई कम्बाइन हार्वेस्टर से कराए जाने के बाद खेतों में शेष बची नरवाई (फसल अवशेष) को आग लगाकर जलाया जा रहा है। इससे वातावरण प्रदूषित होता है तथा आसपास आगजनी की घटनाओं से किसानों की फसलों एवं जान-माल की हानि की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही भूमि के लाभदायक मित्र कीट नष्ट होते हैं और भूमि की उर्वरा शक्ति को भी नुकसान पहुंचता है।

इन परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर के आदेशानुसार जिले में नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। बिना भूसा बनाने वाली मशीन (स्ट्रॉ रीपर/स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) के कम्बाइन हार्वेस्टर से गेहूँ की कटाई कराने वाले हार्वेस्टर संचालकों एवं मालिकों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जारी निर्देशों के अनुसार यदि किसी कृषक द्वारा खेत में नरवाई जलाई जाती है, तो उस पर पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके अंतर्गत दो एकड़ से कम भूमि धारक कृषकों पर 2,500 रुपये प्रति घटना, दो एकड़ से अधिक एवं पांच एकड़ से कम भूमि धारक कृषकों पर 5,000 रुपये प्रति घटना तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि धारक कृषकों पर 15,000 रुपये प्रति घटना की राशि वसूली जाएगी। इसके साथ ही संबंधित कृषक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्टर आदेश के माध्यम से जिला स्तरीय, अनुविभाग स्तरीय तथा ग्राम स्तरीय दलों का गठन किया गया है। गठित दलों द्वारा कम्बाइन हार्वेस्टर संचालन तथा नरवाई जलाने वाले कृषकों की नियमित निगरानी की जाएगी। यदि नरवाई जलाने की कोई घटना सामने आती है, तो संबंधित दल द्वारा तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


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