Iran Israel War: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के प्रभावों को देखते हुए भारत सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए एक मंत्रियों के समूह (आईजीओएम) का गठन किया है। इस समूह ने देश में संभावित प्रभावों का त्वरित आकलन करने, आवश्यक रणनीतिक कदम उठाने, राज्यों के साथ समन्वय बनाए रखने और आम नागरिकों तक सही एवं विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया है।

रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में बैठक

रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में शनिवार को आईजीओएम की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें मौजूदा परिस्थितियों का व्यापक और समग्र मूल्यांकन किया गया। बैठक में रक्षा मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए एक सक्रिय, समन्वित और दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित मंत्रालयों को सतर्क रहने और किसी भी संभावित चुनौती का समय रहते सामना करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी।

कई मंत्री हुए शामिल

इस महत्वपूर्ण बैठक में कई प्रमुख केंद्रीय मंत्री शामिल हुए, जिनमें वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju, पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri, ऊर्जा मंत्री Manohar Lal Khattar, रसायन एवं उर्वरक मंत्री J. P. Nadda, उपभोक्ता मामले मंत्री Pralhad Joshi तथा नागरिक उड्डयन मंत्री K. Rammohan Naidu शामिल थे।

बैठक में कई निर्णय

बैठक के दौरान सचिवों के सात अधिकार प्राप्त समूहों (ईजीओएस) द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित प्रस्तुतियां दी गईं, जिनके आधार पर संभावित प्रभावों और आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई। आईजीओएम ने इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया कि सरकार की प्रमुख नीतिगत पहलों और निर्णयों की जानकारी समय पर जनता तक पहुंचाई जाए। इसका उद्देश्य अफवाहों, गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों को फैलने से रोकना है, ताकि नागरिकों में भ्रम की स्थिति न बने और वे सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।

चुनाव आयोग को लेकर विवाद

केरल में चुनाव आयोग के एक दस्तावेज पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुहर लगने के मामले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त कार्रवाई की है और दो अधिकारियों को चुनाव संबंधी ड्यूटी से हटा दिया है। यह विवाद उस समय सामने आया जब राजनीतिक दलों को भेजे गए एक आधिकारिक हलफनामे में चुनाव आयोग की जगह भाजपा की मुहर लगी पाई गई। इस घटना को विपक्षी दलों, खासकर माकपा (CPM), ने गंभीर मुद्दा बनाते हुए सवाल उठाए। पार्टी ने इस दस्तावेज की प्रति सोशल मीडिया पर साझा कर मामले को सार्वजनिक किया।