विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक हेतु ई-टोकन जनरेशन की विशेष व्यवस्था लागू

-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक हेतु ई-टोकन जनरेशन की विशेष व्यवस्था लागू


शिवपुरी, 11 मार्च 2026/ जिले के समस्त कृषकों को सूचित किया जाता है कि उर्वरक वितरण को पारदर्शी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से ई-विकास (वितरण एवं कृषि आपूर्ति समाधान) प्रणाली के माध्यम से उर्वरक प्राप्ति के लिए ई-टोकन जनरेशन की व्यवस्था लागू की गई है। इस प्रणाली के अंतर्गत ऐसे कृषक जिनकी मृत्यु हो चुकी है एवं भूमि का नामांतरण लंबित है, अथवा जो शारीरिक रूप से असक्षम या वृद्ध हैं, उनके लिए विशेष प्रक्रिया निर्धारित की गई है, जिससे वे उर्वरक प्राप्त करने हेतु ई-टोकन जनरेट कर सकें।


मृत किसान, जिनकी भूमि का नामांतरण लंबित है

ऐसे मामलों में मृत किसान के परिवार के सभी उत्तराधिकारियों की सहमति के आधार पर परिवार के किसी एक सदस्य को नॉमिनी के रूप में अधिकृत किया जाएगा। नॉमिनी द्वारा ई-टोकन जनरेशन हेतु आवश्यक जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा, जिसमें किसान का नाम, मृत्यु प्रमाण-पत्र क्रमांक एवं मृत्यु दिनांक, नॉमिनी का मृत किसान से संबंध, भूमि नामांतरण हेतु प्रस्तुत आवेदन की दिनांक, नामांतरण प्रकरण की वर्तमान स्थिति, नॉमिनी किसान का नाम तथा सहमति पत्र की प्रति शामिल होगी।


शारीरिक रूप से असक्षम एवं वृद्ध किसान

ऐसे शारीरिक रूप से असक्षम अथवा वृद्ध किसान जिनके आधार डाटाबेस में मोबाइल नंबर का अपडेट या सत्यापन संभव नहीं है, वे अपने परिवार के किसी सदस्य को नॉमिनी के रूप में नियुक्त कर सकते हैं। नॉमिनी द्वारा ई-टोकन जनरेशन के लिए नामिनी किसान का नाम, असक्षम या वृद्ध किसान का नाम, आधार नंबर एवं संबंध की जानकारी दर्ज करना आवश्यक होगा।


सत्यापन की प्रक्रिया

निर्धारित प्रारूप में जानकारी दर्ज करने के पश्चात नॉमिनी किसान द्वारा ई-विकास पोर्टल पर आधार सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। आधार सत्यापन के उपरांत दर्ज जानकारी का सत्यापन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा किया जाएगा। सत्यापन पूर्ण होने के बाद ही संबंधित किसान के लिए ई-टोकन जनरेट किया जा सकेगा।


उर्वरक प्राप्ति की प्रक्रिया

ई-विकास पोर्टल पर अधिकृत व्यक्ति की आधार संख्या दर्ज की जाएगी। आधार सत्यापन के बाद अधिकृत कृषक द्वारा ई-टोकन जनरेट किया जाएगा, जो निर्धारित अवधि तक वैध रहेगा। किसान जनरेट किए गए टोकन के साथ संबंधित सहकारी समिति या अधिकृत उर्वरक विक्रेता के पास जाकर उर्वरक प्राप्त कर सकेगा। विक्रेता द्वारा टोकन का सत्यापन करने के पश्चात उर्वरक का वितरण किया जाएगा तथा वितरण के बाद टोकन के उपयोग की प्रविष्टि दर्ज की जाएगी

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