ताबड़तोड़ कार्रवाई से डरा माफिया: सोनू श्रीवास पर कीचड़ उछालने की कोशिश नाकाम

ताबड़तोड़ कार्रवाई से डरा माफिया: सोनू श्रीवास पर कीचड़ उछालने की कोशिश नाकाम

शिवपुरी। जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ लोहा ले रहे खनिज विभाग के सब इंस्पेक्टर (प्रभारी) सोनू श्रीवास को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश सामने आई है। विभाग की लगातार हो रही सख्त कार्रवाइयों से बौखलाए एक कथित खनन कारोबारी ने अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप तो जड़ दिए, लेकिन जब साक्ष्यों की बारी आई तो वह बगले झांकने लगा।

​आरोपों की हवा निकली: न रिकॉर्ड, न रसीद

​शिकायतकर्ता युवक का आरोप था कि वह अपने दो ट्रैक्टर चलवाने के एवज में हर महीने 10,000 रुपये सोनू श्रीवास को देता था। हालांकि, जब जांच के दौरान उससे इस कथित लेनदेन का कोई भी तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्डिंग या गवाह मांगा गया, तो वह एक भी सबूत पेश नहीं कर सका। बिना किसी आधार के लगाए गए ये आरोप स्पष्ट रूप से अधिकारी पर दबाव बनाने की रणनीति नजर आ रहे हैं।

​कौन है आरोप लगाने वाला?

​जांच में यह तथ्य भी उभरकर सामने आया है कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति स्वयं अवैध खनन के कार्यों में लंबे समय से संलिप्त है। उस पर खनिज विभाग द्वारा पूर्व में कई बार दंडात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। इतना ही नहीं, इस व्यक्ति का अपराधिक दुस्साहस इतना है कि कुछ समय पूर्व इसने अवैध उत्खनन की कवरेज कर रहे एक स्थानीय पत्रकार के साथ भी मारपीट की थी। स्पष्ट है कि कानून की गिरफ्त में फंसता देख यह अब 'आरोप' को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है। वही जिस युवक की वीडियो बनाई गई है उस युवक कुलदीप ने आवेदन थाने में दिया है और कहा कि उनके बिना पूछे वीडियो बना ली है और साथ ही उन्होंने मुझसे नगदी भी ली उन पर कार्रवाई करने के लिए आवेदन दिया है।

​सोनू श्रीवास का कड़ा रुख: "झुकूंगा नहीं, अब कोर्ट में होगा फैसला"

​इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सब इंस्पेक्टर सोनू श्रीवास ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व उन पर अवैध वसूली का दबाव बनाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "मेरी कार्रवाई अवैध कारोबार के खिलाफ जारी रहेगी। जिन्होंने मेरी सामाजिक और पेशेवर छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की है, उनके विरुद्ध मैं मानहानि का केस दर्ज करवाऊंगा।"

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