नरवाई जलाने पर होगी केस दर्ज किए जाने की कार्यवाही

 नरवाई जलाने पर होगी केस दर्ज किए जाने की कार्यवाही

जिले में नरवाई जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों की रोकथाम हेतु प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। वातावरण प्रदूषण, आगजनी की घटनाओं से जान-माल की हानि, मिट्टी के लाभकारी कीटों का नष्ट होना तथा उर्वरा शक्ति में कमी जैसे गंभीर नुकसान को देखते हुए नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।


कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी के निर्देशानुसार कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं मैदानी अमले द्वारा गांव-गांव जाकर नरवाई प्रबंधन के संबंध में जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस दौरान ग्रामों में चौपाल, सभाएं एवं बैठकों का आयोजन कर कृषकों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान तथा उसके विकल्पों की जानकारी दी जा रही है।

कृषकों को अवगत कराया जा रहा है कि स्ट्रारीपर के माध्यम से फसल अवशेष का प्रबंधन कर भूसा बनाया जा सकता है तथा रोटावेटर से नरवाई को मिट्टी में मिलाकर भूमि की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है। जागरूकता अभियान के तहत विकासखंड शिवपुरी के ग्राम सकलपुर, विकासखंड कोलारस के ग्राम कार्या, विकासखंड करैरा के ग्राम टीला, वघरा साजौर तथा विकासखंड पिछोर के ग्राम खोड़ एवं खदोय में कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा बैठकें आयोजित कर किसानों को जानकारी दी गई। नरवाई जलाने की स्थिति में संबंधित कृषकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।


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