छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, वर्षों से जमे अधीक्षकों पर भी निगाहें
छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, वर्षों से जमे अधीक्षकों पर भी निगाहें
शिवपुरी, 21 जून 2026। आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों की व्यवस्थाएं इन दिनों सवालों के घेरे में हैं। हाल ही में छात्राओं ने जनसुनवाई में भोजन की गुणवत्ता, मूलभूत सुविधाओं की कमी और छात्रावास प्रबंधन से जुड़ी शिकायतें कलेक्टर अर्पित वर्मा के समक्ष रखी थीं। इसके बाद छात्राओं ने छात्रावास से निकालने की धमकी दिए जाने की शिकायत भी की थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सहायक आयुक्त महेंद्र श्रीवास्तव के साथ छात्रावास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद संबंधित छात्रावास अधीक्षक को हटाने की कार्रवाई की गई तथा व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।
जिले में विभाग के अंतर्गत रामचरण लाल दिवाकर, राजन सिंह लोधी, राधाकृष्ण जाटव, रोहित जाटव, दीपक तोमर, बृजेश जाटव, उपेंद्र तिवारी, कमल गोर, कविता कुशवाहा, लता कटारे, मोनिका तोमर, शिशुपाल जाटव, हेमराज आदिवासी, धर्मेंद्र जाटव, प्रीति सुरेश, एनीमा इक्का, कृति भार्गव, गुलाब शंकर जाटव, विजय तिवारी, विजय त्रिपाठी, पुष्पा गुप्ता, संतोष अहिरवार, आरती पांडे, शीला डार, फूलवती आदिवासी, सपना अवस्थी, मंजू शर्मा, निशा यादव, मुक्ता शर्मा, चंद्रशेखर मेहर, मुन्नालाल जाटव, अखिलेश राठौर, कल्पना अहिरवार, कृष्णा रावत, तबस्सुम बानो, किरण जाटव, विमल आर्य, परमानंद परिहार, सुनील चौरसिया, विनोद आदिवासी, शिवदयाल शर्मा, मजबूत सिंह, प्रताप आदिवासी, आरती गुप्ता, सुनील त्रिपाठी, भारत यादव, विजयलक्ष्मी पाठक एवं रितु द्विवेदी सहित कई छात्रावास अधीक्षक पदस्थ हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार कई अधीक्षकों के पास एक से अधिक छात्रावासों का अतिरिक्त प्रभार है, जबकि कुछ अधिकारी और कर्मचारी पिछले दो दशक से अधिक समय से जिले में पदस्थ बताए जाते हैं। पूर्व में भी विभाग लोकायुक्त कार्रवाई और अन्य अनियमितताओं को लेकर चर्चा में रहा है।
लगातार शिकायतों, निरीक्षणों और व्यवस्थागत खामियों के सामने आने के बावजूद व्यापक स्तर पर जवाबदेही तय नहीं हो सकी है। ऐसे में छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाने की मांग जोर पकड़ रही है।