मोनू रजक से मारपीट के आरोपों पर विधायक कैलाश कुशवाहा का हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच की मांग
मोनू रजक से मारपीट के आरोपों पर विधायक कैलाश कुशवाहा का हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच की मांग
50 लाख की चोरी के मामले में हिरासत में लिए युवक को सुभाषपुरा ले जाने का आरोप, पत्नी ने एसपी को दिया आवेदन
शिवपुरी। फिजिकल थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी में 28-29 अगस्त की दरमियानी रात हुई 50 लाख रुपए से अधिक की चोरी के मामले में पुलिस की जांच के बीच अब रजक समाज के युवक मोनू रजक से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। युवक की पत्नी ने पुलिस पर चोरी कबूलने के लिए दबाव बनाने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। मामले में कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा ने हस्तक्षेप करते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।
परिजनों के अनुसार फिजिकल थाना पुलिस चोरी के मामले में मोनू रजक को पूछताछ के लिए कई बार बुलाती रही। मोनू पुलिस के बुलाने पर थाने जाता रहा। आरोप है कि 2 अक्टूबर को पुलिसकर्मी उसे घर से अपने साथ ले गए और बाद में फिजिकल थाना पुलिस उसे सुभाषपुरा थाना क्षेत्र में ले गई, जहां उसके साथ मारपीट कर चोरी कबूलने का दबाव बनाया गया।
मोनू की पत्नी रजनी रजक ने रजक समाज और कॉलोनी के लोगों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया। आवेदन में पति को हिरासत से मुक्त कराने, मारपीट के आरोपों की जांच कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
विधायक कैलाश कुशवाहा ने लिया मामले में हस्तक्षेप
मामला सामने आने के बाद कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाहा ने सोशल मीडिया के माध्यम से युवक के पक्ष में हस्तक्षेप करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की बात कही है। विधायक ने युवक के साथ मारपीट करने वाले लोगों की पहचान और मामले में उचित कार्रवाई की बात भी कही। विधायक के हस्तक्षेप के बाद रजक समाज के लोगों ने उनका आभार व्यक्त किया है।
मकान मालिक के घर किराए से रहता है युवक
परिजनों के अनुसार मोनू रजक उसी मकान में अपनी पत्नी के साथ किराए से रहता है, जहां चोरी की घटना हुई थी। उनका आरोप है कि मकान मालिक की पत्नी द्वारा पुलिस पर मोनू को पकड़ने और चोरी कबूल करवाने के लिए दबाव बनाए जाने की बात कही गई थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही इसकी वास्तविकता सामने आ सकेगी।
27 तोला सोना, 3 किलो चांदी और नकदी चोरी
28-29 अगस्त की रात हुई चोरी में करीब 27 तोला सोना, 3 किलो चांदी और 4 लाख रुपए नकद चोरी होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद अग्रवाल समाज के लोगों ने भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर चोरी का जल्द खुलासा करने की मांग की थी। घटना को 35 दिन बीतने के बाद भी चोरी के मुख्य आरोपियों और माल की बरामदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
पुलिस ने मारपीट के आरोपों को बताया निराधार
फिजिकल थाना प्रभारी अविनाश सिंह राठौड़ का कहना है कि फरियादी पक्ष की शंका के आधार पर मोनू रजक से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने मारपीट और थर्ड डिग्री टॉर्चर के आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस के अनुसार चोरी की घटना की जांच जारी है और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब इस पूरे मामले में पुलिस की जांच के साथ-साथ युवक द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की जांच भी अहम हो गई है। विधायक के हस्तक्षेप के बाद रजक समाज को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
