शिवपुरी स्मार्ट बाजार में 'ज़हर' की ब्रांडिंग••? नकली ताज चाय पत्ती से बच्चे बीमार, बेअसर साबित हो रहा खाद्य विभाग। “स्मार्ट बाजार या 'बीमारी' का अड्डा•••? शिवपुरी में नामी कंपनियों के नाम पर खपाया जा रहा नकली माल, जिम्मेदारों की नींद नहीं खुली। “ब्रांडेड के नाम पर बीमारी परोस रहा स्मार्ट बाजार, खाद्य सुरक्षा विभाग के दावों की खुली पोल

 

शिवपुरी स्मार्ट बाजार में 'ज़हर' की ब्रांडिंग••? नकली ताज चाय पत्ती से बच्चे बीमार, बेअसर साबित हो रहा खाद्य विभाग। “स्मार्ट बाजार या 'बीमारी' का अड्डा•••? शिवपुरी में नामी कंपनियों के नाम पर खपाया जा रहा नकली माल, जिम्मेदारों की नींद नहीं खुली। “ब्रांडेड के नाम पर बीमारी परोस रहा स्मार्ट बाजार, खाद्य सुरक्षा विभाग के दावों की खुली पोल


शिवपुरी स्मार्ट बाजार में 'ज़हर' की ब्रांडिंग••? नकली ताज चाय पत्ती से बच्चे बीमार, बेअसर साबित हो रहा खाद्य विभाग। 

“स्मार्ट बाजार या 'बीमारी' का अड्डा•••? शिवपुरी में नामी कंपनियों के नाम पर खपाया जा रहा नकली माल, जिम्मेदारों की नींद नहीं खुली।

“ब्रांडेड के नाम पर बीमारी परोस रहा स्मार्ट बाजार, खाद्य सुरक्षा विभाग के दावों की खुली पोल 

स्मार्ट बाजार मॉल 

शिवपुरी। शहर के नामी 'स्मार्ट बाजार' मॉल में एक बार फिर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। ताजा घटनाक्रम में एक ग्राहक ने आरोप लगाया है कि मॉल से खरीदी गई 'ताज' ब्रांड की चाय पत्ती नकली है। इस चाय के सेवन से घर के बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उल्टी, दस्त और तेज बुखार की शिकायत के बाद उपचार कराना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पीड़ित ग्राहक स्पष्ट रूप से मॉल प्रबंधन पर नकली उत्पाद बेचने का आरोप लगा रहा है।

बॉक्स 

पहले भी आ चुका है स्मार्ट मॉल से मामला 

इससे पहले शहर के बिष्णु मंदिर के पास स्थित स्मार्ट मॉल में 13-14 जनवरी 2024 को मकर संक्रांति के दौरान एक ग्राहक को यहाँ से खरीदे गए गज़क के पैकेट में फफूंद (Fungus) लगी मिली थी। ग्राहक के पास उस समय पक्का बिल और वीडियो साक्ष्य भी मौजूद थे, लेकिन मॉल प्रबंधन के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।इन निरंतर शिकायतों ने जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं खाद्य अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे और खाद्य इंस्पेक्टर आशुतोष मिश्रा की भूमिका संदेह के घेरे में है।जनता पूछ रही है कि बार-बार वीडियो और बिल जैसे पुख्ता सबूत मिलने के बाद भी मॉल पर छापेमारी या लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई क्यों नहीं की गई•••? क्या विभाग केवल कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रहा है या बड़े संस्थानों को विशेष 'छूट' दी जा रही है•••? शहरवासियों का कहना है कि अगर स्मार्ट बाजार जैसे बड़े मॉल में भी सामान सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी कहाँ जाए? मिलावटी चाय और फफूंद वाली गज़क जैसे मामले जानलेवा साबित हो सकते हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन लापरवाह अधिकारियों और मॉल प्रबंधन पर क्या दंडात्मक कार्रवाई करता है।


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